top of page
All Posts


वाल्मिकी जी ने रामायण जैसा महाकाव्य लिख दिया ।इसमें 24000 हजार श्लोक है। जिसका पहला श्लोक गायत्री मंत्र से शुरू होता है।
वियोगी होगा पहला कवि आह से उपजा होगा पहला गान निकलकर आंखों से चुपचाप बही होगी कविता अन जान पहली कविता तो आह से पैदा हुई होगी। और कविता में रसों का होना अनिवार्य है। भरत मुनि ने 9 रस बताए है, अपने नाट्यशास्त्र में । वाल्मीकि जी ने रामायण में पहला श्लोक अनुष्टुप् छन्द में बोला। जो प्रथम करुण रस में था। निषाद प्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वतीः समाः । यत्क्रौंचमिथुनादेकम् अवधी: काममोहितम् ।। अर्थ- हे दुष्ट, तुमने प्रेम मे मग्न क्रौंच पक्षी को मारा है। जा तुझे कभी भी प्रतिष्ठा की प्राप

संस्कृत का उदय
9 नव॰1 मिनट पठन


Shri Krishna Mantra
ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने ॥ प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः ॥ Shri Krishna Bhagwan श्लोक का अर्थ क्या है? वासुदेवनन्दन...

संस्कृत का उदय
3 फ़र॰1 मिनट पठन


योग क्रिया में सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है, स्वयं के निकट हो जाना। उसे ही समाधि की प्रथम अवस्था कहते है।
योग क्रिया में सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है, स्वयं के निकट हो जाना। उसे ही समाधि की प्रथम अवस्था कहते है। #yogkiya

संस्कृत का उदय
13 नव॰1 मिनट पठन


गीता जीधर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः।
जब व्यक्ति किसी भी मोह दौलत,शोहरत, पद, प्रतिष्ठा मान सम्मान में अंधा हो जाता है। तो उसका भी हाल धृतराष्ट्र की तरह होता है। गीता जी धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः। मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय।।1.1। यहां मामकाः शब्द यह मोह रूप है, कि जब व्यक्ति केवल अपने बारे में ही सोचता है। तो वह अच्छाई और बुराई सब भूल जाता है। वो किसी भी तरह के गलत कार्य करने में लग जाता है। इसलिए भगवान श्री कृष्ण गीता में कर्म, अकर्म, और विकर्म की बात बताते है। और कहते है, निष्काम भावना

संस्कृत का उदय
9 नव॰1 मिनट पठन


भक्ति का स्वाद इतना ज्यादा है। कि वो बता पाना असम्भव है।
भक्ति का स्वाद इतना ज्यादा है। कि वो बता पाना असम्भव है। भगवान वेदव्यास रचित महान ग्रंथ श्रीमद्भागवत पुराण जिसका रसास्वादन जनता द्वापरयुग के अंत से आज तक कर रही है। जिसमें सृष्टि के रहस्य को बड़े ही मार्मिक रूप से प्रस्तुत किया है। इसमें भगवान श्री कृष्ण की लीला और जिस विषय को बड़े बड़े महान बुद्धिमान आज भी समझ नहीं पाते। उस जीवन के सार का बड़े ही सहजता से समझाया है। स तरति स तरति, स लोकान्स्तरयति। वह सचमुच इस माया को पार कर जाता है, तथा संसार को भी इससे पार ले जाता है। अनिर

संस्कृत का उदय
9 नव॰1 मिनट पठन
एक भारत, नेक भारत, अनेक परंपराएं ।
संस्कृति की विविधता में एकता का अद्भुत संगम। भारत, एक ऐसा देश जो विविधता में एकता का जीता-जागता उदाहरण है। यह भूमि न केवल भौगोलिक दृष्टि...

संस्कृत का उदय
29 जुल॰4 मिनट पठन
संस्कृत भाषा भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक, और साहित्यिक जीवन की मूल भाषा है, संस्कृत का उदय वैदिक काल से प्रारंभ होकर समय के साथ व्यापक विकास हुआ।
संस्कृत सनातन धर्म की प्राचीन पवित्र भाषा है, जिसका उपयोग वेदों, जैन बौद्ध एवं ग्रंथों में होता आया है। विद्वानों के अनुसार ऋग्वेद...

संस्कृत का उदय
3 जुल॰1 मिनट पठन
विचार चाणक्य ने सबसे पहले प्रस्तुत किया।
राष्ट्रवाद का पहला बीज न पड़ता “एक राष्ट्र – एक नीति – एक शासक” यह विचार चाणक्य ने सबसे पहले प्रस्तुत किया। उन्होंने ही बताया कि भारत...

संस्कृत का उदय
13 मई1 मिनट पठन
सबसे बड़ा दान
सबसे बड़ा दान- सनातन धर्म में अन्न को 'ब्रह्म' भी कहा गया है और अन्नदान को सबसे बड़ा दान माना गया है दान का अर्थ है किसी को सहायता या...

संस्कृत का उदय
11 मई1 मिनट पठन
भक्ति का स्वाद इतना ज्यादा है। कि वो बता पाना असम्भव है।
भगवान वेदव्यास रचित महान ग्रंथ श्रीमद्भागवत पुराण जिसका रसास्वादन जनता द्वापरयुग के अंत से आज तक कर रही है। जिसमें सृष्टि के रहस्य को...

संस्कृत का उदय
11 मई1 मिनट पठन
संस्कृत में अपना परिचय कैसे दें ?
संस्कृत में अपना परिचय देने के लिए, आप कह सकते हैं: "मम नाम (आपका नाम) अस्ति।" इसके बाद, आप अपना परिचय देना जारी रख सकते हैं, जैसे: "अहं...

संस्कृत का उदय
6 मई1 मिनट पठन


सांख्य दर्शन
जिज्ञासा सबकी अलग-अलग होती है

संस्कृत का उदय
28 मार्च2 मिनट पठन
इन मठों को शंकराचार्य पीठ कहते हैं।
आदि शंकराचार्य ने भारत के चारों कोनों में चार मठों की स्थापना की थी। ज्योतिर्मठ, बदरिकाश्रम (उत्तर) शृंगेरी मठ, रामेश्वरम (दक्षिण)...

संस्कृत का उदय
1 मार्च1 मिनट पठन


What is the significance of the statement "यज्ञो वै श्रेष्ठतमं कर्म" in Hindu philosophy?
यज्ञो वै श्रेष्ठतमं कर्म। यज्ञ का महत्व भारतीय संस्कृति में अत्यधिक है। यह न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह समाज और पर्यावरण के लिए...

संस्कृत का उदय
27 फ़र॰1 मिनट पठन


प्रातः स्मरण मंत्र
प्रतिदिन पढने वाले श्लोक गुरुकुल आश्रम प्रात: हाथ(कर)- दर्शनम् कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ये सरस्वती। करमूले तू...

संस्कृत का उदय
16 फ़र॰3 मिनट पठन


संस्कृतम्
संस्कृतम् संस्कृतम् जगतः एकतमा अतिप्राचीना समृद्धा शास्त्रीया च भाषा वर्तते। संस्कृतं भारतस्य जगत: वा भाषास्वेकतमा प्राचीनतमा। भारती,...

संस्कृत का उदय
16 फ़र॰1 मिनट पठन


Oldest Language in the World- Sanskrit
Sanskrit is not just an ancient language; it is a key that unlocks a world of history, spirituality, and culture. As one of the oldest...

संस्कृत का उदय
15 फ़र॰2 मिनट पठन


How Learning Sanskrit Transformed My Daily Life in India: A Personal Journey
Sanskrit, the ancient language of India, often seems like a relic of the past, primarily linked to classical texts and scholarly...

संस्कृत का उदय
11 फ़र॰3 मिनट पठन


"घर क्या होता है?"
"घर क्या होता है?" जिस प्रकार राजा को अपना रनिवास तथा महल, गरीब को अपनी झोंपड़ी प्यारी होती है उसी प्रकार पक्षी को अपना घोंसला प्यारा...

संस्कृत का उदय
7 फ़र॰2 मिनट पठन


Unlocking Wisdom: How Sankhya Darshan Can Remove Sorrow
Sankhya Darshan, one of the six orthodox schools of Indian philosophy, offers profound insights into the nature of knowledge and its...

संस्कृत का उदय
7 फ़र॰4 मिनट पठन
bottom of page
