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संस्कृत का उदय

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शामिल होने की तारीख: 25 जन॰ 2025

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31 मार्च 20263  मिनट
आख्यान एवं उपाख्यान : परिभाषा, स्वरूप और विकास-Aakhyaan and Upakhyaan: Definition, Nature, and Development”
1. आख्यान का अर्थ एवं परिभाषा आख्यान शब्द का प्रयोग प्राचीन काल से ही कथा या वृत्तांत के अर्थ में होता रहा है। व्युत्पत्ति  – “आख्यायते अनेनेति आख्यानम्” अर्थात् जिसके द्वारा कहा जाए, वह आख्यान है। साहित्यदर्पण के अनुसार  – “आख्यानं पूर्ववृतोक्ति” अर्थात् पूर्व में घटित घटना का कथन। मूल अर्थ  – कथा, वृत्तांत, घटनाओं का विवरण। प्रकृति  – वृत्तांतप्रधान (Narrative-based)। 2. उपाख्यान का अर्थ ‘उपाख्यान’ = उप + आख्यान अर्थात् किसी बड़ी कथा के भीतर समाहित छोटी कथा। महाभारत जैसे ग्रंथों में अनेक...

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31 मार्च 20262  मिनट
महाभारत के उपाख्यान
महाभारत के उपाख्यान 1. उपाख्यान का अर्थ उपाख्यान का अर्थ है—मुख्य कथा के भीतर समाहित छोटी, शिक्षापरक या उदाहरणात्मक कथा। महाभारत में ऐसे अनेक उपाख्यान हैं, जो धर्म, नीति, त्याग, नारी-आदर्श, पुरुषार्थ आदि की शिक्षा देते हैं। 2. प्रमुख उपाख्यानों की सूची शकुन्तला उपाख्यान ययाति उपाख्यान महाभिष उपाख्यान अणिमाण्डव्य उपाख्यान व्युषिताश्व उपाख्यान तपति उपाख्यान वशिष्ठ उपाख्यान और्व उपाख्यान पंचेन्द्र उपाख्यान सुन्द-उपसुन्द उपाख्यान सारंगक उपाख्यान सौभवध उपाख्यान नलोपाख्यान अगस्त्य उपाख्यान ऋष्यशृंग...

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30 मार्च 20263  मिनट
राजतरंगिणी : स्वरूप, संरचना एवं ऐतिहासिक मूल्य
1. ‘तरंगिणी’ का अर्थ ‘तरंगिणी’ का अर्थ है – नदी या लहर, जो निरंतर प्रवाह और गति का प्रतीक है।‘राजतरंगिणी’ का शाब्दिक अर्थ है – राजाओं की नदी, अर्थात् राजाओं का सतत प्रवाहित इतिहास। 2. राजतरंगिणी की संरचना (आठ तरंग) प्रथम तरंग गोनन्द प्रथम से लेकर अन्ध युधिष्ठिर तक 75 राजाओं का वर्णन है। द्वितीय तरंग 6 राजाओं के 192 वर्षों के शासनकाल का विवरण है। तृतीय तरंग गोनन्द वंश के अंतिम राजा बालादित्य तक 10 राजाओं के 536 वर्षों का विवरण है। चतुर्थ तरंग 17 राजाओं के लगभग 260 वर्षों के शासन का इतिहास...

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नमो नमः

एक भारत, नेक भारत, अनेक परंपराएं

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