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घर के बच्चों को संस्कृत सिखाना चाहते हैं, तो शुरुआत आसान और रोचक विषयों से करें।

अगर आप घर के बच्चों को संस्कृत सिखाना चाहते हैं, तो शुरुआत आसान और रोचक विषयों से करें। छोटे बच्चों को सीधे व्याकरण पढ़ाने के बजाय बोलचाल, गीत और खेलों के माध्यम से सिखाना अधिक प्रभावी होता है।


शुरुआत के लिए विषय


नमस्कार और दैनिक वार्तालाप

नमस्ते।

भवतः नाम किम्? (तुम्हारा नाम क्या है?)

मम नाम ... अस्ति। (मेरा नाम ... है।)

धन्यवादः।


परिवार के सदस्य

माता (माँ)

पिता (पिता)

भ्राता (भाई)

भगिनी (बहन)


संख्याएँ (1–20)

एकम्, द्वे, त्रीणि, चत्वारि, पञ्च...


रंगों के नाम

रक्तः (लाल)

पीतः (पीला)

हरितः (हरा)

नीलः (नीला)


फल और सब्जियाँ

आम्रम् (आम)

सेवफलम् (सेब)

कदलीफलम् (केला)


पशु-पक्षी

सिंहः (शेर)

गजः (हाथी)

मयूरः (मोर)

शरीर के अंग

नेत्रम् (आँख)

कर्णः (कान)

हस्तः (हाथ)


सप्ताह के दिन

रविवासरः, सोमवासरः, मङ्गलवासरः आदि।


सरल श्लोक

"कराग्रे वसते लक्ष्मीः..."

"गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः..."


छोटी कहानियाँ

पंचतंत्र की सरल संस्कृत कहानियाँ।

नैतिक शिक्षा वाली लघुकथाएँ।


सिखाने के तरीके

प्रतिदिन 10–15 मिनट संस्कृत बोलने का अभ्यास करें।

घर की वस्तुओं पर संस्कृत नामों की पर्चियाँ लगाएँ।

संस्कृत गीत और श्लोक सुनाएँ।

प्रश्नोत्तरी और खेल के माध्यम से शब्द याद करवाएँ।


रोज़ 2–3 नए शब्द सिखाएँ और उनका प्रयोग करवाएँ।

1 महीने की सरल योजना

सप्ताह 1: नमस्कार, परिचय, परिवार

सप्ताह 2: संख्याएँ, रंग, फल

सप्ताह 3: पशु-पक्षी, शरीर के अंग

सप्ताह 4: सरल श्लोक, छोटी कहानियाँ और दैनिक वार्तालाप

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नमो नमः

एक भारत, नेक भारत, अनेक परंपराएं

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