top of page
सरल संस्कृत अभ्यास कक्षा 7. एषः का अर्थ (Eshaha Ka Arth) – Meaning of Eshaha in Sanskrit
संस्कृत भाषा में एषः का अर्थ होता है यह जो सामने है यथार्थ अगर कोई व्यक्ति (पुलिंग) है और वह सामने हो तो आप उसे इस तरह से उच्चारण करेंगे एषः राजेश: = यह राजेश है

संस्कृत का उदय
5 जुल॰1 मिनट पठन


संस्कृत भाषा का महत्व: संस्कृतम् सीखने के फायदे
जब मैं संस्कृत भाषा की गहराई में उतरता हूँ, तो मुझे एक ऐसा खजाना मिलता है जो न केवल ज्ञान का भंडार है, बल्कि आत्मा को भी पोषण देता है। यह भाषा हमारे प्राचीन ग्रंथों, वेदों, उपनिषदों और दर्शन की भाषा है।

संस्कृत का उदय
26 जून4 मिनट पठन


संस्कृत में जन्मदिन की शुभकामनाएं कैसे दें
संस्कृत में जन्मदिन की शुभकामनाएं संस्कृत में जन्मदिन की शुभकामनाएं देना भारतीय संस्कृति की सुंदर परंपरा है। इस लेख में जन्मदिन की संस्कृत शुभकामनाएं, श्लोक, संदेश, हिन्दी अर्थ और सरल उदाहरण दिए गए हैं, जिन्हें आप परिवार, मित्रों, विद्यार्थियों और शिक्षकों को भेज सकते हैं।

संस्कृत का उदय
26 जून2 मिनट पठन
घर के बच्चों को संस्कृत सिखाना चाहते हैं, तो शुरुआत आसान और रोचक विषयों से करें।
अगर आप घर के बच्चों को संस्कृत सिखाना चाहते हैं,

संस्कृत का उदय
24 जून1 मिनट पठन

संस्कृत का उदय
12 जून1 मिनट पठन
सरल संस्कृत अभ्यास कक्षा. 2 Learn to Speak in Sanskrit Language
सरल संस्कृत अभ्यास कक्षा. 2 Learn to Speak in Sanskrit Language HINDI TO SANSKRIT Learn Sanskrit – – अहम् ,भवान् , भवती (Aham, Bhavan, Bhavati) अहम् = मैं ( Aham = I ) संस्कृत भाषा में अहम् का अर्थ होता है मैं यह पुलिंग या स्त्रीलिंग दोनों के लिए उपयोग होता है जैसे In Samskrit language meaning of Ahamis I, it’s used in all gender – see examples मैं रविंद्र हूं = अहम् रविन्द्र: अस्मि मैं राधा हूं = अहम् राधा अस्मि Aham Ravindra Asmi = I am Ravindra [M] Aham Radha Asmi = I a

संस्कृत का उदय
12 जून2 मिनट पठन
सरल संस्कृत अभ्यास कक्षा 1. Learn Sanskrit – भवतः, भवत्याः (Bhavatah, Bhavatyaha)
भवतः, भवत्याः (Bhavatah, Bhavatyaha)

संस्कृत का उदय
12 जून3 मिनट पठन
कक्षा 1 : सरल संस्कृत वार्तालाप - Class 1: Simple Sanskrit Conversation
कक्षा 1 : सरल संस्कृत वार्तालाप - Class 1: Simple Sanskrit Conversation उद्देश्य इस पाठ के अंत तक विद्यार्थी संस्कृत में सामान्य बातचीत कर सकेंगे। परिचय संस्कृत केवल श्लोकों की भाषा नहीं है, बल्कि इसे दैनिक जीवन में भी बोला जा सकता है। अभिवादन (Greetings) हिन्दी संस्कृत नमस्ते नमस्ते सुप्रभात सुप्रभातम् शुभ रात्रि शुभरात्रिः धन्यवाद धन्यवादः अपना परिचय देना संस्कृत: मम नाम राहुलः अस्ति। अहं छात्रः अस्मि। अहं दिल्ली-नगरे वसामि। हिन्दी: मेरा नाम राहुल है। मैं विद्यार्थी हूँ। मै

संस्कृत का उदय
11 जून1 मिनट पठन


संस्कृत सीखने की सबसे सरल विधि, संस्कृत भाषा का सरल अभ्यास, बच्चे हो या बड़े सब बड़ी आसानी से सीख सकते है।
संस्कृत अभ्यास नई शुरुआत सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद् दुःखभाग् भवेत्॥ संस्कृत कक्षा – प्रथम दिवसः विषय: मूल परिचय, लिंग, सर्वनाम, क्रिया, स्थान, समय, विभक्ति, संख्याएँ 1. परिचय (Introduction) मम नाम उपेन्द्र:। – मेरा नाम उपेन्द्र है। भवतः नाम किम्? – आपका नाम क्या है? (पुरुष के लिए) भवत्याः नाम किम्? – आपका नाम क्या है? (स्त्री के लिए) उदाहरण: पुंलिङ्गः: मम नाम धीरज:। भवतः नाम किम्? स्त्रीलिङ्गः: मम नाम गायत्री। भवत्याः नाम कि

संस्कृत का उदय
3 जून10 मिनट पठन


. वैदिक एवं उपनिषद काल
. वैदिक एवं उपनिषद काल 1. वैदिक एवं उपनिषद काल (सबसे प्राचीन) यह काल भारतीय इतिहास की नींव है। यहाँ राजा केवल योद्धा नहीं, बल्कि ऋषि और दार्शनिक भी थे। राजा का नाम स्रोत मुख्य उपलब्धि/विशेषता राजा मनु (वैवस्वत) ऋग्वेद प्रथम नृपति और मानव सभ्यता के प्रथम व्यवस्थापक (Lawgiver)। राजा सुदास ऋग्वेद 'दशराज्ञ युद्ध' के विजेता। इन्होंने 'ऋत' (ब्रह्मांडीय सत्य) के बल पर 10 राजाओं को हराया। राजा त्रसदस्यु ऋग्वेद इन्हें 'अर्धदेव' कहा गया। इनके नाम से ही दस्यु (शत्रु) कांपते थे। राजा दिव

संस्कृत का उदय
7 मई3 मिनट पठन


नाट्यशास्त्र और मानव जीवन मूल्य “The Natyashastra and Human Life Values”
नाट्यशास्त्र और मानव जीवन मूल्य भरतमुनि द्वारा रचित नाट्यशास्त्र भारतीय नाटक, नृत्य, संगीत और अभिनय का सबसे प्राचीन एवं व्यापक ग्रंथ है। इसे “पंचम वेद” कहा जाता है क्योंकि यह सभी वर्गों के लिए समान रूप से उपयोगी है। नाट्यशास्त्र केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि मानव जीवन मूल्यों (Manav Jeevan Mulya) को समझने, विकसित करने और संतुलित करने का माध्यम है। नाट्य का उद्देश्य भरतमुनि के अनुसार नाट्य का उद्देश्य है: मनोरंजन (Entertainment) लोकमंगल (Welfare of society) नैतिक शिक्षा (Mo

संस्कृत का उदय
6 मई2 मिनट पठन


आपका कान – एक गर्भ: है।
वेदों की दृष्टि से श्रवण का महत्त्व

संस्कृत का उदय
2 फ़र॰ 20252 मिनट पठन
bottom of page
