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सरल संस्कृत अभ्यास कक्षा 7. एषः का अर्थ (Eshaha Ka Arth) – Meaning of Eshaha in Sanskrit
संस्कृत भाषा में एषः का अर्थ होता है यह जो सामने है यथार्थ अगर कोई व्यक्ति (पुलिंग) है और वह सामने हो तो आप उसे इस तरह से उच्चारण करेंगे एषः राजेश: = यह राजेश है

संस्कृत का उदय
5 जुल॰1 मिनट पठन


संस्कृत कक्षा 1 (सरल संस्कृत अभ्यास)
सरल संस्कृत अभ्यास

संस्कृत का उदय
26 जून3 मिनट पठन
घर के बच्चों को संस्कृत सिखाना चाहते हैं, तो शुरुआत आसान और रोचक विषयों से करें।
अगर आप घर के बच्चों को संस्कृत सिखाना चाहते हैं,

संस्कृत का उदय
24 जून1 मिनट पठन

संस्कृत का उदय
12 जून1 मिनट पठन
सरल संस्कृत अभ्यास कक्षा .4 कः का अर्थ(Kaha Ka Arth) meaning of Kaha in Sanskrit
सरल संस्कृत अभ्यास कक्षा 4 के विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई एक उपयोगी अध्ययन सामग्री है।

संस्कृत का उदय
12 जून1 मिनट पठन
सरल संस्कृत अभ्यास कक्षा- 3 Learn to Speak in Sanskrit Language
संस्कृत भाषा में 'यावत्' और 'तावत्' का अर्थ तथा प्रयोग सरल उदाहरणों सहित जानें। इस लेख में 'यावत् = जब तक' और 'तावत् = तब तक' का अर्थ, व्याकरणिक उपयोग, हिन्दी अर्थ और संस्कृत वाक्यों के माध्यम से आसान भाषा में समझाया गया है।

संस्कृत का उदय
12 जून1 मिनट पठन
सरल संस्कृत अभ्यास कक्षा. 2 Learn to Speak in Sanskrit Language
सरल संस्कृत अभ्यास कक्षा. 2 Learn to Speak in Sanskrit Language HINDI TO SANSKRIT Learn Sanskrit – – अहम् ,भवान् , भवती (Aham, Bhavan, Bhavati) अहम् = मैं ( Aham = I ) संस्कृत भाषा में अहम् का अर्थ होता है मैं यह पुलिंग या स्त्रीलिंग दोनों के लिए उपयोग होता है जैसे In Samskrit language meaning of Ahamis I, it’s used in all gender – see examples मैं रविंद्र हूं = अहम् रविन्द्र: अस्मि मैं राधा हूं = अहम् राधा अस्मि Aham Ravindra Asmi = I am Ravindra [M] Aham Radha Asmi = I a

संस्कृत का उदय
12 जून2 मिनट पठन
सरल संस्कृत अभ्यास कक्षा 1. Learn Sanskrit – भवतः, भवत्याः (Bhavatah, Bhavatyaha)
भवतः, भवत्याः (Bhavatah, Bhavatyaha)

संस्कृत का उदय
12 जून3 मिनट पठन
कक्षा 1 : सरल संस्कृत वार्तालाप - Class 1: Simple Sanskrit Conversation
कक्षा 1 : सरल संस्कृत वार्तालाप - Class 1: Simple Sanskrit Conversation उद्देश्य इस पाठ के अंत तक विद्यार्थी संस्कृत में सामान्य बातचीत कर सकेंगे। परिचय संस्कृत केवल श्लोकों की भाषा नहीं है, बल्कि इसे दैनिक जीवन में भी बोला जा सकता है। अभिवादन (Greetings) हिन्दी संस्कृत नमस्ते नमस्ते सुप्रभात सुप्रभातम् शुभ रात्रि शुभरात्रिः धन्यवाद धन्यवादः अपना परिचय देना संस्कृत: मम नाम राहुलः अस्ति। अहं छात्रः अस्मि। अहं दिल्ली-नगरे वसामि। हिन्दी: मेरा नाम राहुल है। मैं विद्यार्थी हूँ। मै

संस्कृत का उदय
11 जून1 मिनट पठन


नाट्यशास्त्र और मानव जीवन मूल्य “The Natyashastra and Human Life Values”
नाट्यशास्त्र और मानव जीवन मूल्य भरतमुनि द्वारा रचित नाट्यशास्त्र भारतीय नाटक, नृत्य, संगीत और अभिनय का सबसे प्राचीन एवं व्यापक ग्रंथ है। इसे “पंचम वेद” कहा जाता है क्योंकि यह सभी वर्गों के लिए समान रूप से उपयोगी है। नाट्यशास्त्र केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि मानव जीवन मूल्यों (Manav Jeevan Mulya) को समझने, विकसित करने और संतुलित करने का माध्यम है। नाट्य का उद्देश्य भरतमुनि के अनुसार नाट्य का उद्देश्य है: मनोरंजन (Entertainment) लोकमंगल (Welfare of society) नैतिक शिक्षा (Mo

संस्कृत का उदय
6 मई2 मिनट पठन


संस्कृत भाषा क्यों ज़रूरी है, संस्कृत भाषा का महत्व
संस्कृत भाषा का महत्व १. संस्कृति और जड़ों से जुड़ाव“संस्कृतं नाम दैवी वागन्वाख्याता महर्षिभिः।”अर्थ: संस्कृत देववाणी है, जिसे महर्षियों ने प्रकट किया। इससे हम अपने वेद, उपनिषद और गीता जैसे ग्रंथों को समझ पाते हैं। २. सभी भाषाओं की जननी“जननी संस्कृतं सर्वभाषाणां मूलकारणम्।”अर्थ: संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। इससे अन्य भारतीय भाषाएँ सीखना आसान हो जाता है। ३. बुद्धि और स्मरण शक्ति का विकास“विद्या ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम्।”अर्थ: विद्या (संस्कृत ज्ञान) से विनम्रता और

संस्कृत का उदय
6 मई1 मिनट पठन
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