स्वर और व्यंजन
- संस्कृत का उदय

- 11 जून
- 2 मिनट पठन
पाठ 3 : स्वर और व्यंजन की पहचान तथा सही उच्चारण
प्रस्तावना
पिछले पाठ में हमने संस्कृत वर्णमाला के बारे में सीखा। अब हम जानेंगे कि स्वर और व्यंजन क्या होते हैं तथा उनका सही उच्चारण कैसे किया जाता है।
स्वर क्या होते हैं?
जो वर्ण बिना किसी अन्य वर्ण की सहायता के बोले जा सकते हैं, उन्हें स्वर कहते हैं।
संस्कृत के मुख्य स्वर हैं:
अ आ इ ई उ ऊ ऋ ए ऐ ओ औ अं अः
उदाहरण
अ = अग्निः (आग)
आ = आम्रम् (आम)
इ = इक्षुः (गन्ना)
उ = उल्लूकः (उल्लू)
व्यंजन क्या होते हैं?
जो वर्ण अकेले नहीं बोले जा सकते और जिनके उच्चारण में स्वर की सहायता लगती है, उन्हें व्यंजन कहते हैं।
उदाहरण:
क, ख, ग, च, ज, ट, त, प, म, य, र, ल, व, श, स, ह
जब स्वर जुड़ता है, तब शब्द बनते हैं।
उदाहरण:
क + अ = क
क + आ = का
क + इ = कि
क + ई = की
सही उच्चारण का महत्व
संस्कृत में शुद्ध उच्चारण बहुत महत्वपूर्ण है। एक छोटी गलती से शब्द का अर्थ बदल सकता है।
उदाहरण
फलम् = फल
फलं = फल (उच्चारण में अंतर समझना आवश्यक)
उच्चारण का अभ्यास
नीचे दिए गए वर्णों को स्पष्ट बोलें:
अ आ इ ई उ ऊ
क ख ग घ ङ
च छ ज झ ञ
ट ठ ड ढ ण
त थ द ध न
प फ ब भ म
सरल शब्द पढ़ें
संस्कृत
हिन्दी
जलम्
पानी
फलम्
फल
पुस्तकम्
पुस्तक
गजः
हाथी
बालकः
लड़का
अभ्यास
प्रश्न 1
निम्न में से कौन स्वर हैं?
क, अ, त, इ, उ, म
उत्तर: __________
प्रश्न 2
निम्न में से कौन व्यंजन हैं?
आ, क, ई, प, त, ओ
उत्तर: __________
प्रश्न 3
इन शब्दों को पढ़िए और अर्थ लिखिए:
जलम् = ________
गजः = ________
पुस्तकम् = ________
मजेदार गतिविधि
अपने घर में मौजूद 5 वस्तुओं के नाम हिंदी में लिखिए और उनके संस्कृत नाम खोजने का प्रयास कीजिए।
गृहकार्य
सभी स्वरों को 5 बार लिखें।
क-वर्ग और त-वर्ग याद करें।
जलम्, फलम्, पुस्तकम् शब्दों का अभ्यास करें।


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