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संस्कृत सीखने की सबसे सरल विधि, संस्कृत भाषा का सरल अभ्यास, बच्चे हो या बड़े सब बड़ी आसानी से सीख सकते है।
संस्कृत अभ्यास नई शुरुआत सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद् दुःखभाग् भवेत्॥ संस्कृत कक्षा – प्रथम दिवसः विषय: मूल परिचय, लिंग, सर्वनाम, क्रिया, स्थान, समय, विभक्ति, संख्याएँ 1. परिचय (Introduction) मम नाम उपेन्द्र:। – मेरा नाम उपेन्द्र है। भवतः नाम किम्? – आपका नाम क्या है? (पुरुष के लिए) भवत्याः नाम किम्? – आपका नाम क्या है? (स्त्री के लिए) उदाहरण: पुंलिङ्गः: मम नाम धीरज:। भवतः नाम किम्? स्त्रीलिङ्गः: मम नाम गायत्री। भवत्याः नाम कि

संस्कृत का उदय
3 जून10 मिनट पठन


नाट्यशास्त्र और मानव जीवन मूल्य “The Natyashastra and Human Life Values”
नाट्यशास्त्र और मानव जीवन मूल्य भरतमुनि द्वारा रचित नाट्यशास्त्र भारतीय नाटक, नृत्य, संगीत और अभिनय का सबसे प्राचीन एवं व्यापक ग्रंथ है। इसे “पंचम वेद” कहा जाता है क्योंकि यह सभी वर्गों के लिए समान रूप से उपयोगी है। नाट्यशास्त्र केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि मानव जीवन मूल्यों (Manav Jeevan Mulya) को समझने, विकसित करने और संतुलित करने का माध्यम है। नाट्य का उद्देश्य भरतमुनि के अनुसार नाट्य का उद्देश्य है: मनोरंजन (Entertainment) लोकमंगल (Welfare of society) नैतिक शिक्षा (Mo

संस्कृत का उदय
6 मई2 मिनट पठन


परंपराया: समर्थनं कुरु, विनाशं वारयितुम् ।। परंपरा को बढ़ावा दें, पतन को रोकें ।
आप सब चाहे तो अपने जीवन में कुछ बदलाव के द्वारा भारतीय संस्कृति को बचा सकते है !

संस्कृत का उदय
23 फ़र॰4 मिनट पठन


आपका कान – एक गर्भ: है।
वेदों की दृष्टि से श्रवण का महत्त्व

संस्कृत का उदय
2 फ़र॰ 20252 मिनट पठन
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