जब बच्चे अभिवादन, परिचय, परिवार, संख्याएँ, रंग, फल, पशु और सरल वाक्य सीख लें, तब आगे यह क्रम अपनाया जा सकता है:
- संस्कृत का उदय

- 24 जून
- 2 मिनट पठन
जब बच्चे अभिवादन, परिचय, परिवार, संख्याएँ, रंग, फल, पशु और सरल वाक्य सीख लें, तब आगे यह क्रम अपनाया जा सकता है:
10. शरीर के अंग (शरीरस्य अङ्गानि)
शिरः — सिर
नेत्रम् — आँख
कर्णः — कान
नासिका — नाक
हस्तः — हाथ
पादः — पैर
अभ्यास:
"एतत् किम्?" (यह क्या है?)
"एतत् नेत्रम् अस्ति।"
11. घर और विद्यालय की वस्तुएँ
पुस्तकम् — पुस्तक
लेखनी — कलम
फलकम् — बोर्ड
कक्षः — कमरा
द्वारम् — दरवाज़ा
अभ्यास:
"पुस्तकम् कुत्र अस्ति?" (पुस्तक कहाँ है?)
"पुस्तकम् अत्र अस्ति।" (पुस्तक यहाँ है।)
12. क्रियाएँ (Actions)
पठति — पढ़ता है
लिखति — लिखता है
खादति — खाता है
पिबति — पीता है
क्रीडति — खेलता है
गच्छति — जाता है
वाक्य:
रामः पठति।
सीता लिखति।
बालकः क्रीडति।
13. दैनिक वार्तालाप
भवान् कुत्र गच्छति? (आप कहाँ जा रहे हैं?)
अहम् विद्यालयं गच्छामि।
भवान् किं करोति? (आप क्या कर रहे हैं?)
अहम् पठामि।
14. सप्ताह के दिन
रविवासरः
सोमवासरः
मङ्गलवासरः
बुधवासरः
गुरुवासरः
शुक्रवासरः
शनिवासरः
15. सरल कहानियाँ
छोटी-छोटी नैतिक कहानियाँ:
सिंहः तथा मूषकः (शेर और चूहा)
काकः तथा घटः (कौआ और घड़ा)
वानरः तथा मगरः (बंदर और मगरमच्छ)
16. प्रारम्भिक व्याकरण
अब धीरे-धीरे व्याकरण शुरू करें:
लिंग
बालकः (पुल्लिंग)
बालिका (स्त्रीलिंग)
फलम् (नपुंसकलिंग)
वचन
बालकः (एकवचन)
बालकौ (द्विवचन)
बालकाः (बहुवचन)
17. श्लोक और सुभाषित
विद्या ददाति विनयम्।
उद्यमेन हि सिद्ध्यन्ति कार्याणि।
18. संस्कृत में छोटा संवाद
A: भवतः नाम किम्?
B: मम नाम अर्जुनः अस्ति।
A: भवान् कुत्र पठति?
B: अहम् विद्यालये पठामि।
19. परियोजना (Project)
बच्चों से कहें कि वे:
अपने परिवार का संस्कृत में परिचय दें।
अपने विद्यालय का 5–10 वाक्यों में वर्णन करें।
प्रतिदिन संस्कृत में 2 वाक्य बोलें।
अगले स्तर पर
जब यह सब आ जाए, तब:
राम-शब्द, फल-शब्द, लता-शब्द
धातुरूप (पठ्, गम्, खाद्)
सरल संस्कृत पत्र-लेखन
भगवद्गीता के सरल श्लोक
पंचतंत्र की मूल संस्कृत कथाएँ

nice