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स्वस्तिवाचन (स्वस्तयन) मन्त्र और अर्थ
स्वस्तिवाचन (स्वस्तयन) मन्त्र और अर्थ स्वस्तिवाचन (स्वस्तयन) मन्त्र और अर्थ हमारे देश की यह प्राचीन परंपरा रही है कि जब कभी भी हम कोई कार्य प्रारंभ करते है, तो उस समय मंगल की कामना करते है और सबसे पहले मंगल मूर्ति गणेश की प्रार्थना करते है। श्रीगणेश का अर्थ होता है कि जब हम किसी कार्य को आरंभ करते है तो इसी नाम के साथ उस कार्य की शुरुआत करते है। जय गणेश का अर्थ होता है कि अब यह कार्य यहां समाप्त हो रहा है। प्राचीनकाल से ही वैदिक मंत्रों में जितनी ऋचाएं आई है,उनके चिन्तन, वाच

संस्कृत का उदय
4 जुल॰8 मिनट पठन
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