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. वैदिक एवं उपनिषद काल
. वैदिक एवं उपनिषद काल 1. वैदिक एवं उपनिषद काल (सबसे प्राचीन) यह काल भारतीय इतिहास की नींव है। यहाँ राजा केवल योद्धा नहीं, बल्कि ऋषि और दार्शनिक भी थे। राजा का नाम स्रोत मुख्य उपलब्धि/विशेषता राजा मनु (वैवस्वत) ऋग्वेद प्रथम नृपति और मानव सभ्यता के प्रथम व्यवस्थापक (Lawgiver)। राजा सुदास ऋग्वेद 'दशराज्ञ युद्ध' के विजेता। इन्होंने 'ऋत' (ब्रह्मांडीय सत्य) के बल पर 10 राजाओं को हराया। राजा त्रसदस्यु ऋग्वेद इन्हें 'अर्धदेव' कहा गया। इनके नाम से ही दस्यु (शत्रु) कांपते थे। राजा दिव

संस्कृत का उदय
7 मई3 मिनट पठन


नाट्यशास्त्र और मानव जीवन मूल्य “The Natyashastra and Human Life Values”
नाट्यशास्त्र और मानव जीवन मूल्य भरतमुनि द्वारा रचित नाट्यशास्त्र भारतीय नाटक, नृत्य, संगीत और अभिनय का सबसे प्राचीन एवं व्यापक ग्रंथ है। इसे “पंचम वेद” कहा जाता है क्योंकि यह सभी वर्गों के लिए समान रूप से उपयोगी है। नाट्यशास्त्र केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि मानव जीवन मूल्यों (Manav Jeevan Mulya) को समझने, विकसित करने और संतुलित करने का माध्यम है। नाट्य का उद्देश्य भरतमुनि के अनुसार नाट्य का उद्देश्य है: मनोरंजन (Entertainment) लोकमंगल (Welfare of society) नैतिक शिक्षा (Mo

संस्कृत का उदय
6 मई2 मिनट पठन
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