top of page
All Posts
संस्कृत सूक्ति- यह संस्कृत भाषा के सबसे श्रेष्ठ है।
संस्कृत सूक्ति जो मनुष्य को महान बना सकती है। १. सर्वे भवन्तु सुखिनः। अर्थ: सभी सुखी हों। २. मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्। अर्थ: कोई भी दुःखी न हो। ३. वसुधैव कुटुम्बकम्। अर्थ: सम्पूर्ण पृथ्वी एक परिवार है। ४. धर्मो रक्षति रक्षितः। अर्थ: धर्म की रक्षा करने वाले की धर्म रक्षा करता है। ५. योगः कर्मसु कौशलम्। अर्थ: कर्मों में कुशलता ही योग है। ६. लोभः पापस्य कारणम्। अर्थ: लोभ पाप का कारण है। ७. विद्या ददाति विनयम्। अर्थ: विद्या विनम्रता प्रदान करती है। ८. विद्याविहीनः पशुः। अर्थ: विद

संस्कृत का उदय
Jun 112 min read
स्वस्तिवाचन (स्वस्तयन) मन्त्र और अर्थ Hindi and English
स्वस्तिवाचन (स्वस्तयन) मन्त्र और अर्थ Hindi and English स्वस्तिवाचन स्वस्तिवाचन (स्वस्तयन) मन्त्र और अर्थ-- हमारे देश की यह प्राचीन परंपरा रही है कि जब कभी भी हम कोई कार्य प्रारंभ करते है, तो उस समय मंगल की कामना करते है और सबसे पहले मंगल मूर्ति गणेश की प्रार्थना करते है। श्रीगणेश का अर्थ होता है कि जब हम किसी कार्य को आरंभ करते है तो इसी नाम के साथ उस कार्य की शुरुआत करते है। जय गणेश का अर्थ होता है कि अब यह कार्य यहां समाप्त हो रहा है। प्राचीनकाल से ही वैदिक मंत्रों में जि

संस्कृत का उदय
Jun 88 min read
bottom of page
